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26 हदीस शरीफ़ः-

बेशक प्यारे नबी सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम ऊँट की सवारी फ़रमा रहे थे, और हज़रते मआज़ प्यारे नबी के पीछे थे, फ़रमाया प्यारे नबी न ऐ मआज़!

Ahadees

Wahai Istri Muslimah, Sabarkah Dalam Taat Kepada Suami?

Ini adalah taat yang diperintahkan oleh Rasulullah Shallallahu Alaihi wa Sallam dengan perintah yang sangat tegas, kecuali jika sang suami memerintahkan berbuat maksiat. Dalam hal ini, tidak ada taat dan tidak perlu didengarkan. 75 more words

Amelrooz

25 हदीस शरीफ़ः-

फ़रमाया प्यारे रसूल सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम ने नहीं कोई ज़्यादा सब्र करने वाला अल्लाह तआला से कि नाराज़ करने वाली बात को सुनता है कि लोग दावा करते हैं इसके लिये औलाद का फिर भी राहत देता है वो उनको और रिज़्क़ देता है उनको।

Ahadees

24 हदीस शरीफ़ः-

फ़रमाया प्यारे रसूलुल्लाह ने कि अल्लाह तआला ने फ़रमाया इनसान मुझे नाराज़ करता है कि ज़माने को गालियाँ देता है हालाँकि ज़माने का चलाने वाला मैं हूँ ज़माना मेरे दस्ते कु़दरत में है, मैं अदलता बदलता हूँ रात को और दिन को।

Ahadees

23 हदीस शरीफ़ः-

हज़रते अबू सईद ख़ुज़री से मरवी उन्होंने फ़रमाया कि तशरीफ़ ले गए प्यारे रसूल सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम ईदे अज़हा में या ईदुल फित्र में ईदगाह तो गुज़रे मसतूरात के पास से, तो प्यारे नबी ने फ़रमाया ऐ जमाअते ख़्वातीन!

Ahadees

Kitab"MengenalDiri&WaliAllah"AdalahSesat???

Mencari kebenaran seperti sumber Islam Tulin pada zaman ini umpama mencari sesuatu yang hampir mustahil dicapai walaupun kita menggunakan banyak The sensor of the truth, kemungkinan kita masih tersilap atau salah-faham atau masih sesat mungkin ada. 833 more words

Extra-ordinary Realization

22 हदीस शरीफ़ः-

हज़रते उबादा इब्ने सामत से मरवी उन्होंने फ़रमाया कि फ़रमाया प्यारे रसूलुल्लाह सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम ने हालाँकि आपके इर्द गिर्द चालीस सहाबा ए किराम की जमाअत थी कि मुझ से इस पर बैअत करो कि न शरीक करना तुम अल्लाह तआला के साथ किसी को और न चोरी करना और न ज़िना करना और न क़त्ल करना अपनी औलाद का और न लगाना तुम बोहतान कि गढ़ते हो तुम उसको अपने सामने और नाफ़रमानी न करना किसी अच्छी बात में और जो वादा पूरा करेगा तुम में से तो सवाब उसका अल्लाह तआला के ज़िम्मा ए करम पर है और जो उन में से कुछ कर बैठे और सज़ा दी गई उसको दुनिया में तो वो सज़ा कफ़्फ़ारा है उसके लिये और जो उनमें से कुछ करेगा फिर चादरे रहमत डालकर उस पर उसको अल्लाह तआला छुपा ले तो वो अल्लाह तआला के हवाले है अगर चाहे मुआफ़ फ़रमा दे उसको और अगर चाहे सज़ा दे उसको, तो बैअत की हमने प्यारे नबी की इस पर।

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