Label » Maut

साहस

क्या तुममें साहस है,
अपने महिमामंडित आदर्शों की खंडित प्रस्तर प्रतिमाएं पूजने का,

अपने सिद्धांतों के चीथड़ों को अपने पैरों तले रौंदते हुए लक्ष्य पा लेने का,

अपनी नैतिकता की लाचार, अक्षम, पंगु देह को अपने सामने बिठाकर हंसते रहने का,

लुंठित, कुंठित मानसिकता की वासना का नंगा नाच देखने का,
अगर नहीं,

तो आत्मघात कर लो,

क्योंकि ‘देवयुग’ ख़त्म हो गया है।
अपर्णा त्रिपाठी ©

एक सिपाही का आत्मकथ्य

आरम्भ से अंत तक हरदम लड़ा हूँ मैं,

फिर भी गुमनाम अंधेरों में पड़ा हूँ मैं,

मेरी लाश को समर क्षेत्र में कोई पहचान भी न सका,

एक साथी की मौत

उस दिन अचानक गिर पड़े थे सबके मुखौटे एक साथ,

उस एक दिन कोई चेहरे पर मुस्कुराहट का स्टीकर लगाए नहीं घूम रहा था,

शीशों के दड़बों में रहने वाले डर गए थे सबके चेहरों पर नंगी नफ़रत देख कर,

बर्दाश्त नहीं कर पाए आंखों में जलते सवालों की तपिश को,

सिर पर हथौड़े की मानिंद लग रहीं थी भुंभुनाहटें भी।
शायद अपने ही साथी की लाश तले दबे गईं थी

तमाम सालों की छटपटाहटें, संकोच, बंदिशें।
वो कहते हैं जहां दफ़नाएँगे उसे,

वहीं नए युग के नींव का पत्थर रक्खा जाएगा,
अफवाह होगी शायद,

हां,

अफवाह ही होगी।
अपर्णा त्रिपाठी ©

Jodoh (Soulmate), Rezeki (Fortune), Maut (Death)

All Allah’s promises is doubtless, isn’t it?

definitely, YES.

actually this post was a draft since i met Rizka Margi 3 months ago(approximately).

She is my role model in doing social activities since we met in college life. 443 more words

Thought

Qaid

Aaiene mein ab mujhe tu qaid kar sakta nahi’n,
Maut se pehle koi sadme se marr sakta nahi’n…

Urdu Poetry

मौत की हड़ताल

ना करो फिक्र बूढ़ी माँ की

मौत आज हड़ताल पर है,

ना करो फिक्र आज समाचार की

मौत आज हड़ताल पर है,

फिक्र ना आज किसी फसाद की

मौत आज हड़ताल पर है,

ना फिक्र आज मसान की

मौत आज हड़ताल पर है,

ना फिक्र गर्म कपड़ो के ढाल की

मौत आज हड़ताल पर है,

फिक्र ना आज हथियारों की धार की

मौत आज हड़ताल पर है,

मगर जरा करना होगा इंतजाम रोटी का

कमबख्त भूख आज भी अपना काम कर रही है।

Kavita

सड़क पर जा रहे मोटरसाइकिल सवार व्यक्ति के ऊपर पेड़ गिरने से हुई मौत​।

जालंधर(सनी कुमार):जालंधर मकसूदा के रविदास नगर रोड पर वर्षों पुराना पेड टूट कर सड़क पर जा रहे हैं मोटरसाइकिल सवार व्यक्ति के ऊपर गिरने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई प्राप्त जानकारी के अनुसार मोटरसाइकिल सवार व्यक्ति की पहचान उसकी जेब से मिले लाइसेंस से हुई जिसका नाम गुरपाल सिंह पुत्र अमरजीत सिंह वासी रुड़का खुर्द फिलोर के रूप में हुई जो अपनी कार लेकर अपने दोस्त जालंधर में रह रहे आनंद नगर में मिलने आया था और अपनी कार को अपने दोस्त के पास खड़ी करके उसका मोटरसाइकिल Pb06G 3977 होंडा स्पलेंडर को लेकर शहर में समान खरीदने गया था शहर से वापस आते समय मकसूदा के रविदास नगर रोड पर लगे हुए वर्षों पुराने पेड़ टूटकर उसके ऊपर गिर गया वह उसके नीचे दब गया वहां पर खड़े लोगों ने पेड़ के नीचे दबे हुए व्यक्ति को बाहर निकाला और उसको साथ में पढ़ते सेक्रेड हार्ट हॉस्पिटल में ले गए वहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया मौके पर पहुंचे थाना डिवीजन नंबर 1 के एएसआई राकेश कुमार ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरु कर दी और मृतक व्यक्ति के घरवालों को सूचित कर दिया गया।

राज्ये